इंदौर पश्चिमी बायपास रिंग रोड 2026 — जरूरी Update, ₹4000 करोड़, 39 गाँव और Property पर बड़ा असर
इंदौर पश्चिमी बायपास रिंग रोड अब केवल कागजों पर नहीं — NHAI ने ₹2000 करोड़ के टेंडर जारी कर दिए हैं और 26 गाँवों का मुआवजा Award भी घोषित हो चुका है। सांसद शंकर लालवानी ने कहा है कि जितनी जमीन मिल चुकी है वहाँ से निर्माण शुरू करने के निर्देश अफसरों को दिए जा चुके हैं। AV News
अगर आपकी property Pithmapur, Hatod, Sanwer, Depalpur या Dhar Road corridor पर है — तो यह article आपके लिए बेहद जरूरी है।
इंदौर पश्चिमी बायपास रिंग रोड — Project की पूरी जानकारी
NHAI 64 किलोमीटर लंबी और 80 मीटर चौड़ी यह रिंग रोड बनाने जा रहा है। यह NH-52 पर Netrex के पास से शुरू होकर शिप्रा नदी के पास खत्म होगी। AV News
64 किलोमीटर लंबी रोड का काम 32-32 किमी के 2 पैकेज में होगा और दोनों हिस्सों के लिए ₹1000-1000 करोड़ के टेंडर जारी किए गए हैं। Patrika
यह पूरा प्रोजेक्ट Bharatmala Project के तहत बनाया जा रहा है।
Project की मुख्य बातें
कहाँ से कहाँ तक: Netrex (Pithmapur, NH-52) → शिप्रा नदी (देवास के पास)
कुल लंबाई: 64 किलोमीटर
सड़क चौड़ाई: 80 मीटर (6 लेन)
कुल लागत: ₹2000 करोड़ (Western Ring Road)
निर्माण एजेंसी: NHAI
जमीन अधिग्रहण: 600 हेक्टेयर — 39 गाँव, 3 जिले (इंदौर, धार, देवास)
इंदौर पश्चिमी बायपास — Timeline शुरू से अब तक
3 साल पहले — केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने निर्माण की मंजूरी दी।
दिसंबर 2023 — NHAI ने ₹2000 करोड़ के 2 टेंडर पैकेज जारी किए।
अप्रैल 2025 — हातोद तहसील के 12 गाँवों का survey पूरा हुआ। आखिरी दिन कोई विरोध सामने नहीं आया। AV News
जून 2025 — 26 गाँवों का मुआवजा Award घोषित हुआ। पूरे project में करीब ₹750 करोड़ का मुआवजा तय किया गया है। NHAI की राशि सरकारी खजाने में जमा होते ही किसानों के खातों में online पैसे जाने लगेंगे।
फरवरी 2026 — अभी तक केवल 5 गाँवों की जमीन अधिग्रहित हो पाई है। 25 गाँवों की जमीन अधिग्रहण बाकी है जिससे निर्माण शुरू नहीं हो पा रहा। AV News
कौन-कौन से गाँव इस Project में आ रहे हैं?
कुल 39 गाँव 5 तहसीलों से — हातोद, सांवेर, देपालपुर, धार और पीथमपुर।
हातोद के 15 गाँव: अरनिया, ऊषापुर, पलादी, मिर्जापुर, बड़ोदिया पंथ, सिकंदरी, अकसोदा, कराड़िया, पलासिया, नहर खेड़ा, जिंदा खेड़ा, बसांद्रा, जम्बूदी सरवर, अजनोटी और मांगलिया।
सांवेर के 9-12 गाँव: धतूरिया, बालोदा टाकून, सोलसिंदा, कटक्या, ब्राह्मण पीपल्या, मुंडला हुसैन, जैतपुरा, पीर कराड़िया और बरलाई जागीर।
देपालपुर के 5-7 गाँव: किशनपुरा, बेटमाखुर्द, मोहना, लालेंडीपुरा और रोलाय।
धार के 3 गाँव और पीथमपुर के 2 गाँव भी शामिल हैं।
⚠️ इन गाँवों में जमीन की nature और category में बदलाव पर सरकार ने रोक लगा दी है।
Infrastructure — क्या-क्या बनेगा?
इस रोड में 2 बड़े पुल और 30 छोटे पुल बनेंगे। इसके साथ ही 3 रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी प्रस्तावित है। AV News
Service Lane भी बनेगी जिससे स्थानीय लोगों को Toll नहीं देना होगा। बाहरी वाहनों के लिए Main Lane अलग होगी।
इंदौर पश्चिमी बायपास से किसे फायदा होगा?
इस बायपास के बनने से देवास, महू और पीथमपुर को भी बड़ा फायदा होगा। AV News
इसके अलावा:
इंदौर-अहमदाबाद Highway और इंदौर-उज्जैन Road को यह bypass cross करेगी जिससे शहर के अंदर से heavy traffic गुजरना बंद होगा।
Real estate market में तेजी आएगी, नई township और उद्योग खुल सकेंगे। सड़क के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों का व्यवस्थित विकास होगा। AV News
अभी क्या Problem है?
निर्माण की मंजूरी 3 साल पहले मिली थी लेकिन अभी तक केवल 5 गाँवों की जमीन अधिग्रहित हो पाई है। 1131 हेक्टेयर में से 40 हेक्टेयर वन विभाग की जमीन भी है जो अधिग्रहण को धीमा कर रही है। AV News
कुछ गाँवों में किसान सीमांकन का विरोध कर रहे हैं। लेकिन NHAI का कहना है कि जमीन मिलते ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
Project Status — March 2026
| मील का पत्थर | Status |
|---|---|
| केंद्र सरकार की मंजूरी | ✅ 3 साल पहले |
| NHAI Tender (₹2000 Cr) | ✅ जारी हो चुके |
| Survey (हातोद 12 गाँव) | ✅ April 2025 |
| मुआवजा Award (26 गाँव) | ✅ June 2025 |
| भूमि अधिग्रहण | 🔄 जारी — 5/25 गाँव complete |
| निर्माण शुरू | ⏳ जमीन मिलते ही |
| Expected Completion | 📅 सिंहस्थ 2028 से पहले |
Property Investment पर क्या असर होगा?
यह Bypass इंदौर के Pithmapur, Hatod, Sanwer और Dhar Road corridor को पूरी तरह बदल देगा।
जब भी कोई 6-lane national highway किसी इलाके से गुजरती है — उसके आसपास की जमीन की कीमतें निर्माण से पहले, निर्माण के दौरान और बाद में — तीनों चरणों में बढ़ती हैं।
अभी हम पहले चरण में हैं। मुआवजा Award हो चुका है, निर्माण शुरू होने वाला है। इस corridor पर residential plots और agricultural land दोनों में निवेश smart हो सकता है।
इंदौर के दूसरे corridors की जानकारी के लिए हमारी Ujjain Road Property News और Super Corridor News भी पढ़ें।
निष्कर्ष
इंदौर पश्चिमी बायपास रिंग रोड एक बड़ा infrastructure प्रोजेक्ट है जो Pithmapur से Depalpur तक पूरे पश्चिमी corridor की तस्वीर बदलेगा। भूमि अधिग्रहण में देरी है लेकिन project रुका नहीं है — Award हो चुका है, Tender जारी हो चुके हैं।
जो निवेशक अभी इस corridor पर entry करेंगे, वे सबसे ज्यादा फायदे में रहेंगे।
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